

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। आधुनिक दौर में जहां शादियां दिखावे और महंगे इंतजामों के लिए जानी जाती हैं, वहीं हमीरपुर जिले के मुस्करा कस्बे में एक शादी ने सादगी और परंपरा की मिसाल पेश कर दी। यहां दुल्हन की विदाई लग्जरी कार से नहीं बल्कि सजी-धजी बैलगाड़ी से की गई, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा।
मुस्करा कस्बे के आर.आर. गार्डन में सरीला क्षेत्र के ग्राम पहरा निवासी पूनम यादव का विवाह मुस्करा के शिवनी निवासी बालेंद्र कुमार के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह पूरी तरह सादगीपूर्ण और दहेज रहित रहा।
विदाई के समय जब दुल्हन बैलगाड़ी पर सवार होकर ससुराल के लिए रवाना हुई तो यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण और चर्चा का विषय बन गया। दुल्हन के दादा ने बताया कि फिजूलखर्ची और दिखावे से दूर रहते हुए उन्होंने पुरानी परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से बैलगाड़ी से विदाई का निर्णय लिया।
बुंदेलखंड की मिट्टी में रची-बसी यह अनोखी विदाई वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गई। सादगी और संस्कार से भरी इस शादी ने समाज को यह संदेश दिया कि खुशियां तामझाम में नहीं, बल्कि परंपराओं और सादगी को अपनाने में होती हैं।